7 साल के स्टूडेंट का संन्यासी बनने का क्या है मायने ।
7 साल के स्टूडेंट का संन्यासी बनने का क्या है मायने । सन्यास क्या है ? इसका अर्थ होता है सांसारिक बन्धनों से मुक्त होकर निष्काम भाव से प्रभु का निरन्तर स्मरण करते रहना। हमारे शास्त्रों में संन्यास को जीवन की सर्वोच्च अवस्था कहा गया है। संन्यास का व्रत धारण करने वाला संन्यासी कहलाता है। लेकिन 7 साल का लड़का सन्यास जीवन अपना ले , ये सोचने वाली बात है। गुजरात के सूरत में जैन समाज के द्वारा आयोजित किए गए धार्मिक समारोह में 7 साल से लेकर 70 साल के वृद्ध तक सन्यास जीवन अपना लिया । अब उनका धन दौलत और परिवार से मोह भंग हो गया है। सन्यास लेने वाले में 15 करोड़पति है। सन्यास लेने वाले में स्टूडेंट से लेकर डॉक्टर और इंजीनियर तक शामिल है अब तो भगवत भजन और भगवान की तपस्या में लीन हो जायेंगे । ये लोग काफी सुखी संपन्न है । इन लोगों ने शांति-कनक श्रमणोपसाक ट्रस्ट-आध्यात्म परिवार द्वारा पांच दिनों तक चलने वाले दीक्षा महोत्सव में के समापन होने पर संन्यास जीवन अपनाया । अब संन्यास लेने के बाद ये जैन भिक्षु बन गए । इस धार्मिक संगठन ने इस दिन को ऐतिहासिक दिन ब...