वेलेंटाइन डे यानी बड़े बिजनेस का इवेंट ! और कौन हैं इसके स्पोर्ट करने वाले

वेलेंटाइन डे क्या है, और कौन हैं इसके स्पोर्ट करने वाले
बाप ने कतरा कतरा करके कमाई थी इज्जत और बेटी बेच आई वैलेंटाइन डे पर एक चॉकलेट में अपनी इज्जत।

14 फरवरी वेलेंटाइन डे या हवस दिवस

वेलेंटाइन दिन प्रेम पत्रों के "वैलेंटाइन के रूप में पारस्परिक आदान प्रदान के साथ गहरे से जुड़ा हुआ है। आधुनिक वैलेंटाइन के प्रतीकों में शामिल हैं दिल के आकार का प्रारूप, कबूतर और पंख वाले क्यूपिड का चित्र। ये समाचार www.operafast.com पर पढ़ रहे हैं।

तीन चीजें ध्यान देने की है......

1. वैलेंटाइन डे को सपोर्ट कौन करता है?

बॉलीवुड, टीवी सीरियल, प्राइवेट न्यूज़ चैनल ,एफएम रेडियो ,वामपंथी ,महिला वादी बुद्धिजीवी।

2. कमाई किसकी होती है?

शुरू में.....

विदेशी गिफ्ट कंपनियों की, विदेशी चॉकलेट बेकरी कंपनी की, विदेशी precaution की, बॉलीवुड फिल्मों की

बाद में......

गर्भपात करने वाले डॉक्टर्स की, अजन्मे बच्चे को बेचकर बांझपन, कैंसर, गुप्त रोग के डॉक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञों की, सच्ची घटनाओं पर आधारित टीवी सीरियल्स की, शॉर्ट मूवीस की, और महिला सुरक्षा के खोखले वादों पर बोट बनाने वाले और फर्जी योजनाएं चलाने वाले देश के गद्दार नेताओं की और भी छोटे बड़े।

3. इस में फंसती, मरती कौन है?

छोटे शहरों के मध्यमवर्गीय परिवार और निचले तबके की ज्यादातर पढ़ी-लिखी लड़कियां।

जिनके परिवार का कोई राजनीतिक और कानूनी पकड़ नहीं है, सीधे-साधे दुनियादारी से मतलब ना रखने वाले लोगों के परिवारों की नादान बच्चियां।

मैं जो लिखा हूं ऐसा इसमें कुछ भी नहीं जो आप नहीं जानते-समझते है।

दिसंबर से लेकर फरवरी तक एक मास्टर लेवल की स्क्रिप्ट बनाई जाती है, फिर बड़ी सफाई से प्यार, मोहब्बत, आशिकी के नाम पर बड़े स्तर पर लड़कियों को फंसाकर, मारकर अरबों खरबों रुपए का देसी विदेशी व्यापार होता है।

यह वैलेंटाइन कोई त्यौहार नहीं है यह बड़े लेवल का बिजनेस इवेंट है।

फरवरी का महीना सबसे खतरनाक महीना होता है लड़कियों के लिए, इसलिए

एक सोशल मीडिया यूजर आदित्य सिंह से बातचीत में उन्होंने बताया कि आपके इस पोस्ट के माध्यम से विशेष अनुरोध करता हूं कि आप सब अपनी बहन बेटी और बच्ची का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि जो दूसरी बच्चियों के साथ हो रहा है वह आपकी बच्ची के साथ नहीं होगा इसकी कोई गारंटी नहीं है।

इन सब चीजों से बचा सकता है उसको तो वह आपका संस्कार इसलिए बच्चों को संस्कारी बनाएं।

कुछ भी अचानक से नहीं होता है , कुछ होने के पीछे बहुत बड़ा कारण होता है ।

फरवरी के इस महीने में जैसा कि मैंने गिनाया है ऊपर यह सभी फायदे उन सबको होंगे लेकिन आपका सामाजिक नुकसान आर्थिक नुकसान यहां तक आपका जीवन नष्ट हो जाएगा याद रखें।

खैर अब पश्चिमी सभ्यता में किसका प्रचार प्रसार कैसे हुआ ये जानते है।

ये दिन प्रेम पत्रों के "वैलेंटाइन के रूप में पारस्परिक आदान प्रदान के साथ गहरे से जुड़ा हुआ है। आधुनिक वैलेंटाइन के प्रतीकों में शामिल हैं दिल के आकार का प्रारूप, कबूतर और पंख वाले क्यूपिड का चित्र।

19वीं सदी के बाद से, हस्तलिखित नोट्स की जगह बड़े पैमाने पर बनाने वाले ग्रीटिंग कार्ड्स ने ले ली है।

ग्रेट ब्रिटेन में उन्नीसवीं शताब्दी में वैलेंटाइन का भेजा जाना एक फैशन था और, 1847 में, एस्थर हौलैंड ने अपने वोर्सेस्टर, मैस्साचुसेट्स स्थित घर में ब्रिटिश मॉडलों पर आधारित घर में ही बने कार्ड्स द्वारा एक सफल व्यवसाय विकसित कर लिया था। 19 वीं सदी के अमेरिका में वैलेंटाइन कार्ड की लोकप्रियता जहां कई वैलेंटाइन कार्ड अब सामान्य ग्रीटिंग कार्ड प्यार की घोषणाओं के बजाय, संयुक्त राज्य अमेरिका में छुट्टियों के भविष्य व्यावसायीकरण के एक अग्रदूत था रहे हैं।
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कई शुरुआती ईसाई शहीदों के नाम वैलेंटाइन थे। 1969 तक, कैथोलिक चर्च ने औपचारिक रूप से ग्यारह वैलेंटाइन दिनों को मान्यता दी। 14 फ़रवरी को सम्मानित वैलेंटाइन हैं रोम के वेलेटाइन वलेंतिनुस प्रेस्ब.म. रोमे) और टेर्नी के वैलेंटाइन रोम के संत वैलेंटाइन रोम के एक पादरी थे जिनको लगभग 269 ईसवी में शहादत मिली और वाया फ्लेमिनिया में उन्हें दफनाया गया था। उनके अवशेष रोम के सेंट प्राक्स्ड चर्च में और डब्लिन, आयरलैंड के व्हाइटफ्रियर स्ट्रीट कार्मेलाईट चर्च में हैं। टेरनी के वैलेंटाइन 197 ईसवी में इन्तेरामना (आधुनिक टेरनी) के बिशप बने और कहा जाता है कि औरेलियन सम्राट के उत्पीडन के दौरान उनकी हत्या की गयी थी। उन्हें भी वाया फ्लेमिनिया में ही गाड़ा गया है, लेकिन गाड़ने का स्थान रोम के वैलेंटाइन से अलग है। उसके अवशेष टेर्नी में संत वैलेंटाइन के बेसिलिका (बेसिलिका डी सैन वेलेन्टीनो) पर हैं।


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