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Showing posts from April, 2021

जब जापान की इंपीरियल आर्मी कोलकाता पर बम गिराए थे

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 बात 1942 की है। दूसरा विश्व युद्ध चल रहा था। ब्रिटेन, अमेरिका समेत पश्चिमी देशों का गठबंधन जापान, जर्मनी जैसे देशों के खिलाफ युद्ध लड़ रहा था। भारत ब्रिटेन का उप-निवेश था। ब्रिटेन भारत की जमीन का इस्तेमाल युद्ध के दौरान अपने सहयोगियों तक मदद पहुंचाने में कर रहा था। इसका नतीजा ये रहा कि आज ही के दिन 1942 में जापान की इंपीरियल आर्मी एयरफोर्स ने कोलकाता पर बम गिराए थे। आधी रात को की गई बमबारी की वजह से शहर की कई अहम इमारतें तबाह हो गईं थीं। दरअसल, जापान से चीन लोहा ले रहा था। चीन को युद्ध का सामान ब्रिटेन, अमेरिका पहुंचाते थे। और उसके लिए एक ही रास्ता था, जो भारत से होकर जाता था। जापान इस सप्लाई चेन को तोड़ना चाहता था। इसलिए उसने कोलकाता पर हमला कर दिया। भारत का एयर डिफेंस सिस्टम दिन में बहुत मजबूत था। इसलिए जापान ने बम गिराने के लिए रात का समय चुना। इस हमले में जापानी एयरफोर्स ने हावड़ा ब्रिज और बंदरगाह को निशाना बनाया था, जो उस वक्त दुनिया के सबसे बड़े पुल की लिस्ट में तीसरे नंबर पर था। हालांकि, अंधेरा होने की वजह से यह बम हावड़ा ब्रिज पर नहीं गिरे, बल्कि एक होटल के ऊपर गिरे थे। उस...

जहानाबाद के पूर्वी सरेन में बंपर उपज से गदगद हुए किसान !

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      पूर्वी सरेन में क्रॉप कटिंग का आयोजन इन दिनों बिहार में गेहूं की फसल की कटाई जोर शोर से चल रही है सभी किसान अपने अपने खेत में फसल की कटाई शुरू कर दी है ! गेहूं की फसल (Wheat Crop) पककर तैयार हो गई है। इन पके फसलों को देखकर लगता है जैसे प्रकृति ने सुनहरी चादर बिछा रखी हो। किसान भी लहलहाती फसलों को देखकर गदगद हैं। वे अच्छी पैदावार की उम्मीद में हैं। क्रॉप कटिंग में की गई गणना से इसकी पूरी संभावना है कि इस बार उपज अच्‍छी होगी।  सांख्यिकी विभाग की ओर से हर साल फसल की कटनी करवाकर उपज का आकलन किया जाता है। रिपोर्ट सरकार को भी भेजी जाती है ।  इसी फसल कटाई के तहत आज गुरुवार को जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड के पूर्वी सरेन के नारायनपुर मे किसान कविता कुमारी के खेत में कृषि विभाग एवं आत्मा के तहत रवि फसल गेहूं की क्रॉप कटिंग का आयोजन किया गया !  इस क्राप कटिंग में प्रखंड कृषि पदाधिकारी नागेश्वर मांझी प्रखंड तकनीकी प्रबंधक राम विवेक मिश्रा कृषि समन्वयक सत्येंद्र नारायण गौतम, किसान सलाहकार नंद किशोर कुमार के नेतृत्व में कराया गया ! यह कटिंग 10×5 वर्ग मीटर...

मखदुमपुर के अकौना गांव में गेहूं की क्रॉप कटिंग

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  मखदुमपुर के अकौना गांव में गेहूं की क्रॉप कटिंग बिहार सरकार द्वारा अपने किसानों को अधिक से अधिक फसल  उपजाने  हेतु  समय-समय पर किसान सलाहकार कृषि समन्वयक के माध्यम से उन्नत बीजों की आपूर्ति, सिंचाई पर सब्सिडी, कृषि फसलों का चयन, कीटनाशकों का प्रयोग इत्यादि पर अधिक ध्यान दिया गया है ! सरकार की  कोशिश रहती है की  अन्नदाता किसान अपने  आवश्यकता के साथ-साथ दूसरे लोगों  की भी आवश्यकता की पूर्ति कर सकें , इसलिए वह जीत तो मेहनत करते हैं ! सनद रहे कि बिहार में रबी फसलों की कटाई जोरों से चल रही है इस रवि फसल में खासकर गेहूं की कटाई किसानों के द्वारा किया जा रहा है बिहार में सामान्यतः गेहूं फसलों की कटाई मार्च अप्रैल महीने में की जाती है ! मंगलवार को मखदुमपुर प्रखंड के विभिन्न पंचायत में कृषि विभाग के निर्देशन में पंचायत स्तर पर क्रॉप कटिग का कार्य पूरा कर लिया गया है। जानकार सूत्रों के मुताबिक क्रॉप कटिग के बाद इस बार गेहूं का उत्पादन 33 फीसदी कम होने का अनुमान लगाया गया है। गेहूं फसल कटनी प्रयोग   प्रखंड मखदुमपुर के पंचायत मकरपुर के ग्राम अकौना ...

इंटरव्यू में फेल बिहार के युवक की कहानी दिल खुश कर देगी !

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  चलता रहूंगा पथ पर ,  चलने में माहिर बन जाऊंगा  या तो मंजिल मिल जाएगी  या अच्छा मुसाफ़िर बन जाऊंगा ! जी हां ! आपने ठीक पढ़ा ! जो लोग हिम्मत करते हैं, वे मिसाल बन जाते हैं, तरक्की की दुनिया में आगे बढ़ जाते हैं ! ऐसे ही भारत में लाखों लोग हिम्मती हैं जो अपने हिम्मत के बल पर निरंतर आगे बढ़ जाते हैं ! ऐसे ही एक कहानी बिहार के मधेपुरा जिले का दिलखुश कुमार का है ! आज दिलखुश कुमार Aryago कंपनी के फाउंडर हैं जिन्हें एक इंटरव्यू में आईफोन का लोगो नहीं पहचान पाने के कारण नौकरी नहीं मिली थी ! आज वह कई लोगों को नौकरी मुहैया करा चुके हैं , दिलखुश कुमार ने अपनी कहानी को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं जो उन्हीं की भाषा में हुबहू हम यहां लिख रहे हैं :-  लंबी दूरी तय करने में वक्त तो लगता है साहब आज मैं अपने ड्रीम फ़ोन iPhone 11 (256 GB) का बेसब्री से इंतजार कर रहा था, अमेज़न वाले को इसे आज डिलीवर करना देना था, जैसे जैसे समय बीत रहा था, मिलने की बेचैनी बढ़ती जा रही थी, अंततः आज 4 बजे मिलन हो ही गया.  आज से लगभग 10 वर्ष पूर्व सहरसा में जॉब मेला लगा था. मैं भी बेरोजगार की श्रे...

सनातन धर्म लोगों को वाकई बेवकूफ बनाता है ?

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 एक पंडितजी को नदी में तर्पण करते देख एक #फकीर अपनी बाल्टी से पानी गिराकर जाप करने लगा कि.. "मेरी प्यासी गाय को पानी मिले।" पंडित जी के पूछने पर उस फकीर ने कहा कि...  जब आपके चढ़ाये जल और भोग आपके पुरखों को मिल जाते हैं तो मेरी गाय को भी मिल जाएगा। इस पर पंडितजी बहुत लज्जित हुए।" यह मनगढ़ंत कहानी सुनाकर एक इंजीनियर मित्र जोर से ठठाकर हँसने लगे और मुझसे बोले कि -  "सब पाखण्ड है जी..!" शायद मैं कुछ ज्यादा ही सहिष्णु हूँ...  इसीलिए, लोग मुझसे ऐसी बकवास करने से पहले ज्यादा सोचते नहीं है क्योंकि, पहले मैं सामने वाली की पूरी बात सुन लेता हूँ... उसके बाद उसे जबाब देता हूँ। खैर... मैने कुछ कहा नहीं .... बस, सामने मेज पर से 'कैलकुलेटर' उठाकर एक नंबर डायल किया...  और, अपने कान से लगा लिया। बात न हो सकी... तो, उस इंजीनियर साहब से शिकायत की। इस पर वे इंजीनियर साहब भड़क गए। और, बोले- " ये क्या मज़ाक है...??? 'कैलकुलेटर' में मोबाइल का फंक्शन भला कैसे काम करेगा..???" तब मैंने कहा.... तुमने सही कहा... वही तो मैं भी कह रहा हूँ कि.... स्थूल शरीर छोड़ चु...

लोको पायलट का ड्राइविंग कब आसान होती है !

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  लोकोमोटिव में प्रकाश के Twin बीम के साथ एक शक्तिशाली हेड लाइट होती है जो ट्रैक पर लोको पायलट के दृष्टिकोण को स्पष्ट करती है। व्यावहारिक रूप से, रात में ड्राइविंग दिन के समय की तुलना में आसान है। ड्राइवर बहुत दूर से सिग्नल देख सकता है जो ड्राइविंग में बहुत मदद करता है। और लुक आउट caution एक विशेष प्रकार की caution है जो केवल दिन के समय में होता है।  लुक आउट  कौशन रात में नहीं रहने से ड्राइविंग में लोको पायलट को बहुत मदद मिलता है ! रात में मवेशियों की संभावना कम हो जाती है, यह ड्राइविंग के लिए भी बहुत उपयोगी है। रात में लाइन पर काम करने वाला कोई पीडब्लूआई ट्रैकमैन नहीं होता है। जो ड्राइविंग के लिए मदद करता है। इसलिए दिन के समय के बजाय रात में ड्राइविंग करना आसान है ! आप एक्सप्रेस ट्रेन में रात को भी यात्रा करते समय, दरवाजे पर खड़े होकर देख सकते हैं काली अंधेरी रात में अंधेरा को चीरते हुए ट्रेन बीम लाइट रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ और पटरी पर तेज गति से चलते हुए ट्रैक के आगे लगभग आधा किलोमीटर तक फैला होता  है ! इस अंधेरी रात में गार्ड और लोको पायलट वॉकी टॉकी पर आपस में बा...

काश ! मैं भी प्रधानमंत्री होता

 माननीय आडवाणी जी को 2014 में पीएम उम्मीदवार के रूप में पेश क्यों नहीं किया गया? आम जनता के मन में यह प्रश्न हमेशा उठता होगा !  उस वक्त उनके सामने ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हो गई थी के वे प्रधानमंत्री बनते बनते रह गए ! पिछले दो लोकसभा चुनावों में भाजपा अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही थी और दोनों चुनाव हार गई। 2009 के लोकसभा चुनाव में, लालकृष्ण आडवाणी को एक पीएम उम्मीदवार के रूप में पेश किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार को जीतने और सरकार बनाने में सफल नहीं थी। नरेंद्र मोदी, जो एक पीएम के रूप में पेश होने से पहले मुख्यमंत्री थे, एक गतिशील और स्वच्छ छवि के नेता थे। वह युवा पीढ़ियों में बहुत लोकप्रिय थे। उस समय में बेहतर विकास और प्रगति के लिए संपूर्ण भारत में गुजरात मॉडल बहुत लोकप्रिय था। मोदी ने चौतरफा भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के लिए पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। आम आदमी के साथ उनकी कनेक्टिविटी बहुत फलदायी दिख रही थी और भाजपा सरकार के पक्ष में कहानी कह रही थी।  इसलिए भाजपा संसदीय बोर्ड ने फैसला किया कि नरेंद्र मोदी 2014 में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। ल...

संपूर्ण लॉकडाउन के बजाय टीका उत्सव मनाए !

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  प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान कोविद -19 स्थिति और टीकाकरण की आगे की रणनीति के बारे में चर्चा करने के लिए गुरुवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक आभासी बैठक किए ! क्योंकि देश में कोरोना की दूसरी संक्रमण की लहर तेजी से फैलता जा रहा है ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की ! इस बैठक में बढती हुई कोरोना संक्रमण और वैक्सीन की उपलब्धता को देखते हुए कई बिंदुओं पर चर्चा की !  इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी संपूर्ण लॉकडाउन की जरूरत नहीं है Night curfew का क्योंकि काफी है, उन्होंने जोर देकर कहा कि नाइट curfew की जगह कोरोना curfew का इस्तेमाल किया जाना चाहिए !  पीएम मोदी ने कहा 11 अप्रैल को ज्योतिबा फुले दिवस है और 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती है इसके बीच मे कोरोना टीका दिवस मनाना चाहिए ! इससे लोगों को भी सही संदेश जाएगा ! यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत ने बुधवार को कोरोनोवायरस रोग (कोविद -19) के प्रतिदिन 126,200 से अधिक मामलों में एक रिकॉर्ड बनाया है, जिसने देश भर में अधिक क्षेत्रों को लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों...

दिन में कुछ देर मौन जरूर रहना चाहिए, इससे हमारी वाणी...

 कहानी-  दिन में कुछ देर मौन जरूर रहना चाहिए, इससे हमारी वाणी प्रभावशाली हो जाती है विवेकानंद कम बोले, लेकिन इतना अच्छा बोले कि पूरी दुनिया पर छा गए थे। स्वामीजी के गुरु रामकृष्ण परमहंस इतने अच्छा वक्ता नहीं थे। उनके मन में जो आता था, वह बोल देते थे। परमहंसजी को समाधि बहुत गहरी लगती थी इसीलिए उनका मौन बहुत प्रभावशाली था। गुरु के रूप में उन्होंने अपना मौन स्वामी विवेकानंद को दिया था और स्वामीजी के माध्यम से परमहंसजी का मौन मुखर होकर निकला। जब विवेकानंदजी पहली बार अमेरिका गए, तब भारत का दृश्य ये था कि 1857 का स्वतंत्रता संग्राम विफल हो गया था। झांसी की रानी शहीद हो गई थीं। तात्या टोपे को फांसी हो चुकी थी। बहादुर शाह जफर कैद हो गए थे। हजारों भारतीय मौत के घाट उतार दिए गए थे। पराजय और अपमान की वजह से भारतीयों में हीन भावना थी। उस समय में विवेकानंद ने अमेरिका की धरती से पूरे विश्व में भारत को सम्मान दिलाया था। सबसे अधिक उनकी वाणी प्रभावशाली थी। युवा संन्यासी ने वाणी के माध्यम से भारत के अध्यात्म को दुनिया में परिचित कराया था। शिकागो में जब उन्होंने भाषण दिया था, उसकी अवधि थी सिर्फ ...

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की घोषणा

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  रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की घोषणा भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर श्री शशिकांत दास ने आज बुधवार को मौद्रिक नीति की घोषणा की इस तरह की घोषणा भारतीय रिजर्व बैंक प्रत्येक 2 महीने  पर  करती है ! मौद्रिक नीति पॉलिसी की घोषणा के कुछ मुख्य बातें हैं:- 1. रेपो दर में कोई बदलाव नहीं,  यह पांचवीं बार ज्यों का त्यों 4   प्रतिशत बना हुआ है ! 2.  चालू वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक दर 10.4% अभी भी बना हुआ है,  इसमें भी किसी तरह के बदलाव नहीं किया गया ! 3. रिजर्व बैंक के अनुसार वार्षिक वृद्धि दर बनाए रखने के लिए  मौद्रिक नीति में उदारता की नीति बनाए रखा जाएगा ! 4. महंगाई दर को लक्षित स्तर पर बनाए रखा जाएगा ! 5.   कोरोना वायरस ने आर्थिक सुधार को प्रभावित किया है,  इसलिए कोरोना वायरस को काबू करने की जरूरत है ! 6. July September  माह में  जीडीपी में 26.2 , 8.3 प्रतिशत बढ़ोतरी की अनुमान,  जबकि दिसंबर और मार्च में  5.6% and  5.2% यह आंकड़ा रह सकता है ! 7. खुदरा महंगाई दर को संशोधित कर मार्च 2020 21 में 5 % रहने का अनुमान !...

बिहार मेट्रिक बोर्ड का रिजल्ट जारी , अपना रिजल्ट के लिए यहां क्लिक करें

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  बिहार बोर्ड १० वीं का रिजल्ट २०२१ लाइव अपडेट: बिहार बोर्ड १० वीं की परीक्षा देने वाले उम्मीदवार biharboardonline.bihar.gov.in और biharboardonline.com पर अपना रिजल्ट ऑनलाइन चेक कर सकेंगे। OR, Click here for online results बिहार बोर्ड १०२१ रिजल्ट २०२१ लाइव अपडेट्स: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने सोमवार को बीएसईबी १० वीं रिजल्ट २०२१ घोषित किया। इसका परिणाम बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जारी किया। बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा राज्य भर में 1,525 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। BSEB मैट्रिक परीक्षा 17 से 24 फरवरी तक आयोजित की गई थी, जबकि रद्द किए गए सामाजिक विज्ञान (पहले बैठे पेपर) की पुन: परीक्षा 8 मार्च को आयोजित की गई थी। बिहार बोर्ड कक्षा 10 परीक्षाओं की उत्तर कुंजी 20 मार्च, 2021 को जारी की गई थी। उत्तर कुंजी में विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी और मातृभाषा सहित सभी विषयों में पूछे गए वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्नों के सही जवाब शामिल थे। बिहार बोर्ड 16.54 लाख छात्रों के 25 दिनों के भीतर परिणाम घोषित करने वाला पहला बोर्ड है। बोर्ड द्वारा जारी बयान के अनुसार...

एक प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थस्थल

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  राजगीर पूर्व भारत के बिहार राज्य का पहाड़ियों से घिरा एक प्राचीन शहर है। यह अपने पवित्र स्थलों के लिए जाना जाता है।पहाड़ियों के पास में गर्म स्प्रिंग्स हैं, जो माना जाता है कि इसमें औषधीय गुण हैं ! राजगीर पटना से 100 किमी उत्तर में पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच बसा हुआ प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थस्थल के रूप में दुनियाभर में लोकप्रिय है। सुरम्य पहाड़ियों के बीच बसा यह शहर बहुत पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता रहा है। राजगीर से बोध गया 70 किमी की दूरी पर स्थित है। ... ब्रह्मकुंड राजगीर पर्यटन का एक प्रमुख मुख्य अंश है। राजगीर, बिहार प्रांत में नालंदा जिले में स्थित एक शहर एवं अधिसूचीत क्षेत्र है। यह कभी मगध साम्राज्य की राजधानी हुआ करती थी, जिससे बाद में मौर्य साम्राज्य का उदय हुआ पटना से 100 किमी दक्षिण-पूर्व में पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच बसा राजगीर न केवल एक प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थस्थल है बल्कि एक सुन्दर हेल्थ रेसॉर्ट के रूप में भी लोकप्रिय है। यहां हिन्दु, जैन और बौद्ध तीनों धर्मों के धार्मिक स्थल हैं।  * रेल की पटरी में जंग कैसे लगता है ! * क्या है होली का महत्व ? जाने होल...