सोनू सूद के कार्यक्रम में अव्यवस्था के जिम्मेदार कौन Manish Kasyap या ...?

 

सोनू सूद के कार्यक्रम में अव्यवस्था के जिम्मेदार कौन मनीष कश्यप या ...?

बिहार के पावन धरती पर रियल हीरो सोनू सूद को बिहार वासियों ने तहे दिल से स्वागत किया । बिहारवासियों ने कहा कि सोनू सूद अच्छे कार्य के साथ ईमानदारी की मिसाल खुद हैं । साथ ही मनीष कश्यप भी ऐसे ईमानदार और मददगार हैं कि  बिहार के हर जिले में 2 ऐसे मसीहा सोनू सूद और मनीष कश्यप की जरूरत है। ये समाचार www.operafast.com पर पढ़ रहे हैं।



मनीष कश्यप और उनके पूरे टीम शुक्रिया के पात्र हैं जिन्होंने मुंबई के सबसे अच्छे एक्टर गरीबों का मसीहा श्री सोनू सूद जी को बिहार में बहुत जबरदस्त तरीके से उनका स्वागत किया और साथ ही साथ बिहार के प्रसिद्ध व्यंजन लिट्टी चोखा भी खिलाया। 




जैसा कि आप सभी जानते हैं कि मुंबई के एक्टर श्री सोनू सूद जी का बिहार आगमन होने पर उनका कार्यक्रम पटना के गांधी मैदान के बापू सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में इतना गहमा गहमी था कि कार्यक्रम की सफलता पर प्रश्न चिन्ह लग गया । ठीक वैसे ही जैसे बिहार के गांवों में शादी ब्याह या किसी कार्यक्रम के अवसर पर वैश्या का नाच होता है और सभी लोग आयोजक की बात ना मानते हुए स्टेज पर चढ़ने को व्याकुल दिखते हैं। 


चाहे जो भी हो सोनू अपने कार्यक्रम के पहले या बाद में सभी लोगों से मिलें इसी क्रम में भोजपुर के बड़हरा के शंकर सिंह से मिले, जो एक स्कूल चलाते हैं और शंकर सिंह का शरीर का 90% हिस्सा काम न करने के बाबजूद उन्होंने ने आईआईटी जैसी परीक्षा में सफलता पाई थी।


इतना सब कुछ सफलता पूर्वक होने के बाद भी कुछ कमियां रह गई। सभी को कार्यक्रम स्थल पर जाने का मौका नही मिला। कुछ लोगों को बुलाने के बाबजूद परफॉर्मेंस का अवसर नहीं मिला तो इसका दोषी कौन है ? मनीष काश्यप या इवेंट आयोजक।

कुछ वीडियो ऐसे भी सामने आए हैं जिसमे कहा जा रहा है अंदर इतनी अवव्यस्था था की आयोजक किसी की बात ही नही सुन पा रहा था। इसलिए मनीष काश्यप 10-15 मिनट ही स्पीच दे पाए उसके बाद खिसक लिए। 

ऐसे इसमें कोई शक नहीं है कि हर संघर्ष करने वाला मनुष्य एक दिन विजेता बनता है हर एक इंसान को इंसानियत की जिंदगी में उसकी कष्ट निवारण करने हेतु अपना उपयोगि समय के साथ साथ धन से तहे दिल से सहायता देने वाला महान कहलाता है। एसे ही है हमारे सोनू सूद और मनीष काश्यप। ऐसे महान व्यक्तित्व वाले इंसान जो अपने कठिन परिश्रम से कमाए धन से गरीब, असहाय और जरूरत मंद को कोरोना काल में बिहार वासियों के लिए सोनू सूद ने जो किया वो भुलाया नही जा सकता।


अगर आपने मनीष काश्यप का वीडियो देखा होगा तो मालूम होगा कि मनीष कश्यप ने खुद कहा था ये सब होने के बाद मेरा विरोध होगा । आज साबित भी हो गया । लेकिन मैं आपसे भी सहमत हूं क्योंकि सबको बोलने का अधिकार हैं । 

एक साथ सभी को संतुष्ट करना असम्भव है। दुख का कारण लोभ ,मोह है शायद इसी कारण आदर्श आनंद को हर जगह प्रेस कांफ्रेंस करते देखा जा रहा है कि उन्हें मौका नहीं मिला। वो दो दिनों से बिना खाए पिए और सोए इस कार्यक्रम में परफॉरमेंस की तैयारी कर रहे थे और यहां पटना आने के बाद सन ऑफ बिहार मनीष कश्यप फोन नही उठाए या मैसेज का जवाब नही दिया। लेकिन जिसको मौका मिला होगा वो बहुत खुश होगा। लेकिन हकीकत यही है कि सभी को खुश नही किया जा सकता है।  यही बिहार की पहचान है और शायद ये सदियों तक कायम रहेगी । लेकिन ये बातें समाज को आईना दिखा रही हैं एक बेहतर बिहार बनाने के लिए। ये सच्चाई रही है अच्छा क्रेडिट सब लेंगे लेकिन बुरा का कोई नही।


मनीष कश्यप son of Bihar ने लाइव आकार आदर्श आनंद से और तमाम वहा पहुंचे लोगों से माफ़ी मांगे हैं ।

 लेकिन जिनको सोनू सूद से मुलाकात नही हुआ है। जो भी मनीष कश्यप का विरोध कर रहा है, सिर्फ और सिर्फ अपना टीआरपी या व्यू बढ़ने के लिए और कुछ नही।



आज जो बिहार के लिए मनीष कश्यप जी सोच रहे है इससे पहले कोई नहीं सोचा होगा। अब मनीष कश्यप सब के दिलो मे बस रहे है इससे कुछ लोगों की जलन होती है कुछ मीडिया बालो को मनीष कश्यप का विरोध करके ही व्यू और टीआरपी मिलती है इसलिए वो नीचा दिखाना चाहते है । यहां पर सभी टांग खींचने में ही बहादुरी दिखाता है कोई आगे बढ़ कर हाथ नहीं खींचता। सभी एक नेक इंसान को बदनाम करने पर लगा है।

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