वामपंथी इतिहासकारों के कुचक्र में फंसता ब्राह्मणों की पीड़ा
वामपंथी इतिहासकारों के कुचक्र में फंसता ब्राह्मणों की पीड़ा वर्णों में एक जाति आती है ब्राह्मण जिस पर सदियों से राक्षस, पिशाच, दैत्य, यवन, मुगल, अंग्रेज, कांग्रेस, सपा, बसपा, वामपंथी, भाजपा, सभी राजनीतिक पार्टियाँ, विभिन्न जातियाँ आक्रमण करते आ रहे है। आधुनिक इतिहासकार हमे सिखाते हैं कि भारत का ब्राह्मण सदा से दलितों का शोषण करता आया है जो घृणित व्यवस्था के प्रवर्तक भी है। ब्राह्मण विरोध का यह काम दो दशक से क्रियान्वित किया जा रहा है। अगर उनकी बात पर गौर किया जाए तो समझ में आएगा की ब्राह्मण जाति ही उनलोगो को पढ़ने नहीं दिया। बड़े बड़े विद्यालय के शोधकर्ता ये सिद्ध करने में लगा है कि ब्राह्मण सदा से समाज का शोषण करते आए हैं। आज भी वे कह रहे हैं कि ब्राह्मण हिंदू धर्मग्रंथों की रचना इसलिए कि ताकि उनका स्थान समाज में ऊपर रहे । पर ये सभी दावे खोखले और बेमानी है। Q. आरोप ये लगे कि ब्राह्मणों ने जाति का बटवारा किया! उत्तर - सबसे प्राचीन ग्रंथ वेद जो अपौरुषेय जिसका संकलन वेदव्यास जी ने किया। जो मल्लाहिन के गर्भ से उत्पन्न हुए ! १८-पुराण, महाभारत, गीता सब व्यास विरचित है जिसमें वर...