अधीनस्थ न्यायालय कर्मियों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि, पद पुनर्गठन पर एक माह में प्रस्ताव: उच्चाधिकार समिति
अधीनस्थ न्यायालय कर्मियों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि, पद पुनर्गठन पर एक माह में प्रस्ताव: उच्चाधिकार समिति
पटना, 24 फरवरी.
पटना उच्च न्यायालय की उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने राज्य की अधीनस्थ अदालतों में कार्यरत कर्मचारियों की सेवा-संबंधी मांगों पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। समिति ने 1 अप्रैल 2003 के बाद नियुक्त सभी कर्मचारियों को एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) देने का निर्णय लिया है।
सोमवार देर शाम उच्च न्यायालय के बैठक कक्ष में आयोजित बैठक में वरिष्ठ न्यायाधीशों, बिहार सरकार के वित्त एवं विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
संघ के अध्यक्ष राजेश्वर तिवारी ने बताया कि प्रोन्नति से संबंधित मामलों में आवश्यक पदों के सृजन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। समिति ने स्पष्ट किया है कि आगामी एक माह के भीतर वित्त विभाग को पदों के पुनर्गठन, नए पदों के सृजन, पदों के वर्गीकरण तथा विभिन्न संवर्गों के लिए आनुपातिक प्रतिशत निर्धारण का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकार प्राप्त समिति के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। उक्त प्रस्ताव के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
समिति ने यह भी निर्णय लिया कि अनुकंपा नियुक्ति 15 प्रतिशत की सीमा तक की गई है 10 प्रतिशत और 5 प्रतिशत माननीय मुख्य न्यायधीश महोदय के निर्देश से। इस सीमा के बाद यदि कोई मामला लंबित रहता है तो संबंधित अभ्यर्थी विधिक उपाय का सहारा ले सकते हैं। कर्मचारियों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए शिकायत निवारण समिति का पुनर्गठन भी किया गया है। साथ ही समिति के द्वारा वित विभाग को निर्देश दिया गया है कि इस संदर्भ मे कोई दिक्कत हो या परामर्श की आवश्यकता हो तो निबंधक प्रशासन, विधि सचिव पटना के जिला जज एवं संघ के पदाधिकारी से संपर्क कर निदान कर निर्धारित अवधि 1 माह में दिए गए आदेश का अनुपालन करे ।
बैठक में उच्चाधिकार प्राप्त समिति के सदस्य के रूप में पटना उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद, माननीय न्यायमूर्ति मोहित शाह और माननीय न्यायमूर्ति प्रार्थ सारथी साहब जी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त माननीय विधि सचिव अंजनी कुमार सिंह, वित्त सचिव जय सिंह, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अमीश रंजन, अधिकारी ब्रजेश तथा पटना के माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव भी शामिल हुए। कर्मचारी संघ की ओर से अध्यक्ष राजेश्वर तिवारी और महासचिव सत्यार्थ सिंह ने भाग लिया।
समिति ने निर्णय लिया कि एक माह बाद पुनः बैठक कर प्रगति की समीक्षा की जाएगी। कर्मचारी संघ ने इन निर्णयों का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर ठोस क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा, जिससे राज्य की अधीनस्थ न्यायपालिका की कार्यप्रणाली और अधिक सुदृढ़ हो सके।

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