न्यू पम्बन ब्रिज का मैजेस्टिक दृश्य, उदघाटन को तैयार, जल्द ही रामेश्वरम तक जाएगी ट्रेन...

न्यू पम्बन ब्रिज का मैजेस्टिक दृश्य, उदघाटन को तैयार, जल्द ही रामेश्वरम तक जाएगी ट्रेन...

मंडपम और रामेश्वरम के बीच समुद्र को पर बना पंबन ब्रिज अब बनकर तैयार होने को है। अगर अप्रत्याशित रूप से कोई देरी नहीं हुई तो जल्द ही रामेश्वरम के लिए फिर से रेल सेवा शुरू हो जाएगी। क्योंकि पुल से संबंधित 99% कार्य पूरा हो चुका है। यह समाचार coming hindi news पर पढ़ रहे हैं।



जैसा कि आप जानते हैं कि पंबन समुद्री पुल की जीर्ण शीर्ण होने के कारण मौजूदा पुल के नजदीक ही एक नए पुल का निर्माण कार्य रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा 2019 में शुरू किया गया था।

लेकिन पुराने पुल पर ट्रेनों की आवाजाही दिसम्बर 2022 से रोक दी गई थी। ज्यादातर ट्रेन सेवा मंडपम और रामनाथपुरम तक ही चल रही है। लेकिन अब जल्द ही भारतीय रेलवे द्वारा रामेश्वरम तक ट्रेन चलायी जाएगी।

पंबन ब्रिज कहां हैं ?

पंबन ब्रिज भारत के तमिलनाडु राज्य में स्थित एक प्रमुख रेलवे ब्रिज है, जो पाक स्ट्रेट पर बना हुआ है। यह ब्रिज रामेश्वरम द्वीप को मुख्य भूमि से जोड़ता है और इसकी लंबाई लगभग 2.3 किलोमीटर है।

पंबन ब्रिज का निर्माण 1914 में हुआ था और यह उस समय भारत का सबसे लंबा सेतु था। यह ब्रिज भारतीय रेलवे के दक्षिणी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है और यहाँ से गुजरने वाली ट्रेनें तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक राज्यों को जोड़ती हैं।

पंबन ब्रिज की विशेषताएं:

1. लंबाई: 2.3 किलोमीटर

2. चौड़ाई: 3.65 मीटर

3. ऊंचाई: 12.8 मीटर

4. निर्माण वर्ष: 1914

5. सामग्री: स्टील और कंक्रीट


पंबन ब्रिज के महत्व:

1. रेलवे परिवहन: यह ब्रिज रेलवे परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

2. स्थानीय अर्थव्यवस्था: यह ब्रिज स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद करता है।

3. पर्यटन: यह ब्रिज पर्यटकों के लिए एक आकर्षक स्थल है।

4. सांस्कृतिक महत्व: यह ब्रिज तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

पंबन ब्रिज के निर्माण में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं:

1. जलवायु परिस्थितियाँ: पाक स्ट्रेट में तेज़ हवाएं और ऊंची लहरें होती हैं।

2. समुद्री जल: समुद्री जल के कारण सेतु के निर्माण में कई समस्याएं आईं।

3. भूमि की उपलब्धता: रामेश्वरम द्वीप पर भूमि की उपलब्धता कम थी।

इन चुनौतियों के बावजूद, पंबन ब्रिज का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा हुआ और यह आज भी भारतीय रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

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