पुरानी पेंशन बहाली हेतु जन प्रीतिनिधियों के आवास पर ज्ञापन देने का कार्यक्रम हेतु ऑनलाइन बैठक

 पुरानी पेंशन बहाली हेतु जन प्रीतिनिधियों के आवास पर ज्ञापन देने का कार्यक्रम हेतु ऑनलाइन बैठक

  आज दिनांक 30 जुलाई 2023 को नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम, NMOPS बिहार द्वारा राज्य के सभी जिलों के कर्मचारियों, पदाधिकारियों एवं संघों के साथ आनलाइन बैठक की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य था की दिनांक  01 अगस्त 2023 से 09 अगस्त 2023 के बीच स्थानीय विधायकों एवं सांसदों के घर जाकर पुरानी पेंशन योजना को सरकारी कर्मियों को लागू किए जाने के उद्देश्य से  "घंटी बजाओ कार्यक्रम" आयोजित किया जाना है। यह समाचार www.operafast.com पर पढ़ रहे हैं।

 उक्त बैठक में यह तय किया गया कि केंद्र और राज्य के कर्मियों द्वारा राज्य में स्थानीय विधायकों एवं सांसदों के घर जाकर उन्हें एक ज्ञापन दिया जाएगा। ज्ञापन में यह अंकित किया जाएगा कि सरकारी कर्मियों को यथाशीघ्र एनपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए क्योकि पेंशन कर्मियों का अधिकार है ।

 एनपीएस ना तो राज्य सरकार के लिए लाभदायक है ना ही कर्मियों के लिए। ज्ञापन में यह भी अंकित किया जाएगा कि सरकारी कर्मियों का भी अपना एक वोट बैंक और समुह है।  यदि सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना की मांग को नहीं माना जाता है तो सरकारी कर्मी अपने और अपने परिवार के वोट से सरकार को प्रभावित करेंगे। 


इस बैठक में 1 अक्टूबर 2023 को दिल्ली में पेंशन शंखनाद रैली में शामिल होने के लिए सभी कर्मियों को आवाहन भी किया गया।

        बैठक की अध्यक्षता बिहार के  प्रदेश अध्यक्ष  वरुण पांडेय द्वारा किया गया। बैठक का संचालन शशिकांत शशि, जिला सचिव भागलपुर  द्वारा किया गया। 

बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश महासचिव शशि भूषण कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव तिवारी एवं प्रदेश तथा सभी जिलों के एनएमओपीएस पदाधिकारी तथा कई एनपीएस कर्मीगण शामिल हुए।

घंटी बजाओ कार्यक्रम के तहत कटिहार के सांसद को सौंपा गया पहला ज्ञापन

घंटी बजाओ कार्यक्रम के तहत पुरानी पेंशन के स्थापना हेतु पहला ज्ञापन कटिहार के सांसद को दिया गया। इस ज्ञापन में सांसद महोदय को बताया गया कि नौकरी से सेवानिवृति के बाद बुढ़ापे के बारे में सोचने पर रूह काँप जाती है। NPS का भयावह, विभत्स रूप अब हमारे अगल-बगल सुरसा के मुँह की तरह निगल रही है। भरी जवानी का 30-35 साल सरकारी सेवक के रूप में करने के बाद पेंशन के रूप में 1500 रुपया, 2000 रुपया या फिर 4000 रुपया मिल रहा है। इसमें हम क्या खाएं और क्या बचाएं । बच्चों की पढ़ाई चल रही है, बेटी की हाथ पीला करना,, घर बनाने के लिए "बैंक का शटर" बंद साथ में 'निष्ठुर बुढ़ापा"  इस भागती दुनिया में पराए की बात कौन कहे अपने भी बिना आर्थिक सुरक्षा के सेवा करने में असहज होंगे।

ज्ञापन में आगे लिखा है कि  हम सब के द्वारा 01 से 09 अगस्त 2023 क बीच सारे देश में जनप्रतिनिधी के बीच घंटी बजाने का कार्यक्रम तय है।

सभी केन्द्रीय एवम् राज्य सरकारी मान्यवर हम सभी केन्द्रीय कर्मचारी की दुर्दशा को मिटाने के लिए पुरानी पेंशन OPS व्यवस्था लागू करने हेतु आवाज उठाने की संसद में आवाज उठाने की कृपा की जाए।


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