पुरानी पेंशन बहाली हेतु मुख्यमंत्री को ज्ञापन, बंधु जी के नेतृत्व में देशव्यापी पेंशन सत्याग्रह रथ यात्रा की शुरुआत..

पुरानी पेंशन बहाली हेतु मुख्यमंत्री को ज्ञापन, बंधु जी के नेतृत्व में देशव्यापी पेंशन सत्याग्रह रथ यात्रा की शुरुआत..

पटना (18.05.2023) एनएमओपीएस पुरानी पेंशन बहाली हेतु प्रतिबद्ध राष्ट्रीय संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा लिए गए निर्णय के आलोक में एनएमओपीएस, बिहार द्वारा आज माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष पुरानी पेंशन बहाली हेतु आवेदन दिया गया, अन्यथा की स्थिति में एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विजय कुमार बंधु के नेतृत्व में दिनांक 01.06. 2023 से 04.06.2023 तक भितिहरवा, पश्चिम चंपारण से पेंशन सत्याग्रह रथ -यात्रा प्रारंभ होगी तथा यह बिहार के लगभग सभी जिलों से गुजरेगी और उसके उपरांत उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर जाएगी। येे समाचार www.operafast.com पर पढ़ रहे हैं।


प्रदेश अध्यक्ष श्री वरुण पांडेय द्वारा बताया गया कि एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में पेंशन सत्याग्रह रथयात्रा पूरे देश भर में भ्रमण करेगी, जिसका प्रारंभ गांधी के सत्याग्रह की धरती भितिहरवा, पश्चिम चंपारण से होगा।

प्रदेश महासचिव श्री शशि भूषण कुमार द्वारा माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए बताया गया कि पांच राज्यों में पुरानी पेंशन बहाली होने से एनपीएस कर्मियों का मनोबल बढ़ा है और सरकार के समक्ष भी अब इस मुद्दे को टालने का कोई कारण नहीं है।

प्रदेश उपाध्यक्ष श्री संजीव तिवारी द्वारा इस संबंध में बताया गया कि हम लोग बार-बार माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध कर रहे हैं, पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा अब राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है इसलिए हम लोग अभी भी इस उम्मीद में है कि सकारात्मक सोच वाले माननीय मुख्यमंत्री शीघ्र ही इस मामले पर निर्णय लेकर राज्य कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा करेंगे।

एनएमओपीएस बिहार के प्रदेश अध्यक्ष श्री वरुण पाण्डेय जी के द्वारा मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन को मीडिया कर्मियों को शेयर करते हुए बताया गया कि दिनांक 01.06.2023 से भितिहरवा, पश्चिम चम्पारण से पेंशन सत्याग्रह रथ यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा।

जैसा आप सब जानते हैं कि भारत सरकार द्वारा दिनांक 01.01.2004 या उसके बाद नियुक्त कर्मियो के लिये उस समय प्रचलित पुरानी पेंशन योजना के स्थान पर नई अंशदायी पेंशन योजना लागू करने के उपरांत राज्य सरकार द्वारा भी उक्त योजना के अनुरूप दिनांक 01.09.2005 के प्रभाव से राज्यकर्मियो के लिये भी "बिहार सरकारी कर्मचारी अंशदायी पेंशन योजना 2005 लागू कर दी गई है।

नई अशदायी पेशन योजना के लागू होने से राज्यकर्मियों को विभिन्न प्रकार की कठिनाई हो रही है एवं सेवानिवृत्ति अथवा उसके पूर्व मृत्यु के उपरांत मिलने वाली पेशन की राशि बहुत ही कम होती है, जो वृद्धावस्था में अथवा उनके आश्रितों को आवश्यक जीवन निर्वाह के लिये पर्याप्त नहीं है, जिससे राज्यकर्मी वृद्धावस्था में सामाजिक प्रतिष्ठा एवं सुरक्षा को लेकर आशंकित है।

उल्लेखनीय है कि नई पेंशन प्रणाली में शेयर बाजार पर आधारित पेंशन मिलेगा, जिसमें नुकसान की संभावना बनी रहती है। बिहार सरकार द्वारा प्रति माह कर्मियों के पेंशन के नाम पर 14 प्रतिशत राशि अपने हिस्से का और 10 प्रतिशत राशि कर्मियों के वेतन से काटकर एजेंसी के पास जमा किया जाता है। जिसका फायदा कर्मियों को मिलने की कोई गारंटी नहीं है, बल्कि राज्य सरकार को भी प्रतिमाह राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है और कर्मियों में भी अंसतोष व्याप्त है। इससे स्पष्ट है कि NPS से सरकार और कर्मियो दोनों को नुकसान हो रहा है।

विदित हो कि भारत सरकार का उक्त आदेश राज्यों के लिए बाध्यकारी नहीं है। इसी के आलोक में राजस्थान, छत्तीसगढ, झारखण्ड, हिमाचल प्रदेश एवं पंजाब सरकार द्वारा अपने कर्मियों के लिये नई पेंशन योजना (NPS) को समाप्त करते हुये पुरानी पेंशन बहाली योजना लागू करने की घोषणा की गयी है। पश्चिम बंगाल में अभी भी पुरानी पेंशन योजना लागू है। इसी तरह दिल्ली विधानसभा द्वारा पुरानी पेंशन बहाल करने के लिये प्रस्ताव पास कर केन्द्र सरकार को प्रेषित किया गया है। उसके बाद आंध्रप्रदेश, केरल, सिक्किम एवं महाराष्ट्र की सरकार ने भी पुरानी पेंशन बहाल करने हेतु कमिटी गठित की है। इन तथ्यों के आलोक में स्पष्ट होता है कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिये राज्य सरकार स्वतंत्र है।

एक संवेदनशील मुख्यमंत्री होने के नाते बिहार का सरकारी सेवक वर्ग आपसे भी उम्मीद करता है कि आप उनकी पीड़ा को समझते हुये राज्य कर्मियों के लिये पुरानी पेंशन योजना बहाली के संबंध में न्यायोचित निर्णय लेंगे। वर्ष 2005 में पदभार ग्रहण करने के पश्चात् से लेकर आज तक महोदय द्वारा अनेक महत्वपूर्ण एवं कल्याणकारी निर्णय लिये गये, जिसे धरातल पर मूर्तरूप देने का कार्य इन्हीं सरकारी सेवकों द्वारा किया गया।

 कोविड के काल में इन्हीं सरकारी सेवको ने अपनी सुरक्षा की परवाह न करते हुये राज्य के नागरिको के सुरक्षा, आवागमन, चिकित्सा जैसे अनेकों कार्यों का निष्पादन किया। अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि बिहार के राज्यकर्मियों की माँग के अनुरूप बिहार में 01.09.2005 के प्रभाव से लागू अंशदायी पेंशन योजना (एन०पी०एस० ) को निरस्त किया जाय और पुरानी पेंशन योजना (ओ०पी०एस० ) को पुनर्स्थापित किया जाय। अन्यथा बाध्य होकर NMOPS के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा लिये गये निर्णय के अनुरूप देशव्यापी पेंशन सत्याग्रह रथ यात्रा का शुभारंभ दिनांक 01.06.2023 को मितिहरवा, पश्चिम चम्पारण से किया जायेगा और दिनांक 01.06.2023 से 04.06.2023 के बीच यह रथ यात्रा बिहार के लगभग सभी जिलों से होकर गुजरेगी।

 पेंशन सत्याग्रह रथ यात्रा का नेतृत्व NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विजय कुमार बन्धु द्वारा किया जायेगा तथा इस यात्रा में NMOPS की राष्ट्रीय कार्यकारिणी, NMOPS बिहार प्रदेश एवं जिला कार्यकारणी के सभी सदस्य तथा अनको NMOPS से आच्छादित केन्द्र एवं राज्य के कर्मीगण शामिल रहेंगें।

👇इन्हें भी पढ़ें




Comments

Popular posts from this blog

National Executive Meeting of the All India Judicial Employees Confederation (AIJEC) Concludes Successfully

न्याय के प्रहरियों का न्याय के लिए शंखनाद: बिहार के सिविल कोर्ट कर्मचारियों ने फूंका आंदोलन का बिगुल

पाम ऑयल आपके के लिए कितना उपयोगी है।