मनीष कश्यप बिहार पुलिस के सामने किया सरेंडर, तमिलनाडु पुलिस गिरफ्तार करने पटना पहुंची..

मनीष कश्यप बिहार पुलिस के सामने किया सरेंडर, तमिलनाडु पुलिस गिरफ्तार करने पटना पहुंची..

मनीष कश्यप सच तक न्यूज के पत्रकार पर बिहार पुलिस के साथ साथ तमिलनाडु पुलिस ने कामकाजी बिहार के निवासियों के लिए असत्य , भ्रामक एवम उन्माद फैलाने वाले वीडियो को प्रसारित करने के प्रकरण को लेकर आर्थिक अपराध इकाई, थाना में अंकित कांड संख्या 03/2023 तथा 04/2023 में केश दर्ज किया गया था और इसी सिलसिले में मनीष कश्यप ने बिहार पुलिस एवम इओयू के दबिश के कारण बेतिया के जगदीश पुर थाने में खुद आत्मसमर्पण कर दिया। ये जानकारी बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया के मध्यम से दी है। यह समाचार OPERAFAST Hindi news पर पढ़ रहे हैं।



सच तक के पत्रकार सह यूट्यूबर मनीष कश्यप का गिरफ्तारी के बाद थोड़ी सी मुश्किलें बढ़ गई है । आज सुबह ही मनीष कश्यप ने बिहार पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिए थे। उसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया । मनीष कश्यप पर बिहार पुलिस ने 3 मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही गिरफ्तारी के लिए दविश भी दे रही थी। लेकिन मनीष कश्यप को खोज पाने में असफल पुलिस श्री कश्यप के गांव महनावां डुमरी में जाकर कुर्की जाती की शुरुआत कर दी। गिरफ्तारी के बाद हजारों युवा थाने पर प्रदर्शन करने लगे। जिसे रोकने के लिए सैंकड़ों पुलिस को बुलाना पड़ा।

सबसे मुश्किल भरी खबर यह है कि तमिलनाडु की पुलिस भी मनीष कश्यप को गिरफ्तार करने पटना पहुंच गई है क्योंकि मनीष कश्यप पर बिहार के साथ साथ तमिलनाडु में भी केश दर्ज है।



(थाने में आत्मसमर्पण करने आए मनीष कश्यप)

बिहार के बेतिया जिले के जगदीशपुर थाने में गिरफ्तारी के बाद तमिलनाडु पुलिस की 4 सदस्यीय टीम चेन्नई ले जायेगी। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद मनीष कश्यप को शनिवार या रविबार तक ट्रांजिट रिमांड पर तमिलनाडु ले जाया जाएगा। लेकिन जब किसी दूसरे राज्य की पुलिस अपने अधिकार सीमा से बाहर जाकर गिरफ्तार करती है तो उसे संबंधित जिले या राज्य की अदालत से परमिशन लेने की जरूरत पड़ती है।

जैसा कि आप जानते हैं कि आर्थिक अपराध इकाई थाना काण्ड सं0- 03/2023 दिनांक- 05.03.2023 धारा-153/153 (ए)/153 (बी)/505 (1) (बी)/505(1) (सी)/468/471/120 (बी) भा0 द0 वि0 एवं 67 आइ0 टी0 एक्ट के प्राथमिकी अभियुक्त मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी एवं युवराज सिंह राजपूत के विरुद्ध माननीय न्यायालय से गिरफ्तारी हेतु वारण्ट प्राप्त किया गया था।

साथ ही कांड संख्या 05/2023 मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता के साक्ष्य मिले है, जिन पर गहन अनुसंधान किया जा रहा है। विदित हो कि इसके तहत 4 बैंक एकाउट में उपलब्ध 42 लाख रुपए को फ्रिज कर दिया गया है।

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Comments

  1. ✍🏻क्योंकि कश्यप जी RSS से जुड़े हुए थे, इसलिए हमेशा BJP विरोधी पार्टियों k निशाने पर रहते है।
    बिहारी मजदूर वाले घटना में इन्होंने तमिलनाडु के पेरंबदूर स्टेशन पर आकर रिपोर्टिंग की थी और बिहार के वर्तमान शासक नेताओं पर आरोप लगाए थे। इसलिए राजनैतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर उन पर कार्यवाही की जा रही है।

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