काला बिल्ला लगाकर काम रहे हैं व्यवहार न्यायालय संघ के कर्मचारी, दिया सांकेतिक हड़ताल का संकेत

काला बिल्ला लगाकर काम रहे हैं व्यवहार न्यायालय संघ के कर्मचारी, दिया सांकेतिक हड़ताल का संकेत
आज बुधवार को बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ के कर्मचारियों के द्वारा पूरे बिहार प्रदेश भर ड्यूटी के दौरान काला पट्टी लगाकर अपने अपने कार्यालय में काम किया गया। व्यवहार न्यायालय के कर्मचारी कई बार बिहार सरकार को मुख्य न्यायधीश के द्वारा ज्ञापन दे चुके है। यह समाचार www.operafast.com पर पढ़ रहे हैं।



बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय संघ के द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णय के आलोक में बिहार के सभी जिला न्यायालय के सभी कर्मचारी अपनी 5 सूत्री मांगों को लेकर ड्यूटी के दौरान काला पट्टी लगाकर कार्य किए। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश्वरी तिवारी ने बताया कि योग्यता एवं कार्य क्षमता के अनुरूप वेतनमान माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार गठित शेट्टी कमीशन के अनुशंसा को हु बहू लागू करना तथा व्यवहार न्यायालय में सभी संवर्ग के कर्मचारियों को पद के अनुरूप पदोन्नति देना है जो कि शेट्टी कमिशन के अनुशंसा में दिया गया है यह 2017 के नियमावली में लिखित था लेकिन 2022 की नियमावली मे से हटा दिया गया है। अनुकंपा के आधार पर मृत कर्मचारी के आश्रित को नियुक्ति करना जो बरसों से नहीं किया रहा है । व्यवहार न्यायालय कर्मचारियों को किसी तरह से प्रताड़ित नहीं करना शामिल है। इसी के विरोध में सभी कर्मचारी गण के द्वारा काला बिल्ला लगाकर अपने कर्तव्य स्थल पर कार्य किया जा रहा है ।

संघ के सभी कर्मचारी 4 फरवरी तक काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। व्यवहार न्यायालय के सभी कर्मचारी अपनी एकजुटता को दिखाते हुए राज्य संघ का लिया गया निर्णय का समर्थन करता है। वहां उपस्थित सदस्यों के द्वारा यह कहा गया कि इस कार्रवाई के बावजूद भी राज्य सरकार के द्वारा हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आगे सांकेतिक हड़ताल एवं उसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी विचार किया जा सकता है।

👇इन्हें भी पढ़ें





Comments

Popular posts from this blog

National Executive Meeting of the All India Judicial Employees Confederation (AIJEC) Concludes Successfully

न्याय के प्रहरियों का न्याय के लिए शंखनाद: बिहार के सिविल कोर्ट कर्मचारियों ने फूंका आंदोलन का बिगुल

पाम ऑयल आपके के लिए कितना उपयोगी है।