माकपा माले ने इन 5 मांगों के साथ प्रखंड मुख्यालय पर दिया धरना, संदीप सौरभ भी शामिल

माकपा माले ने इन 5 मांगों के साथ प्रखंड मुख्यालय पर दिया धरना, संदीप सौरभ भी शामिल

भाकपा माले के खेत मजदूर संगठन 'अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा' (खेग्रामस) की तरफ से राज्यव्यापी आवाहन के तहत बुधवार को पालीगंज एवं दुल्हन बाजार दोनों प्रखंड मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम संपन्न हुआ! इस धरना प्रदर्शन में पालीगंज विधानसभा से भाजपा माले विधायक संदीप सौरभ भी शामिल हुए। इस राज्यव्यापी प्रदर्शन में पालीगंज से सैकड़ों की संख्या में गरीब गुरबा इकट्ठा होकर बिहार सरकार के खिलाफ प्रतिरोध रैली करते हुए प्रखंड मुख्यालय पर इकट्ठा हुए। यह समाचार www.operafast.com पर पढ़ रहे हैं।



जैसा कि आप सब जानते है कि बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के भाजपा से अलग होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल समेत भाकपा माले को भी सरकार में शामिल किया गया है । अब प्रश्न उठता है कि अपने ही सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कितना उचित है।



पालीगंज के विधायक संदीप सौरभ ने बताया कि पार्टी की तरफ से पदाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें प्रमुख मांग इस प्रकार थे-


● भूमिहीन जिस जमीन पर बसे हैं उसका वास गीत परचा दिया जाए सभी भूमिहीनों को 5 डिसमिल जमीन और पक्का मकान दिया जाए!

● गरीबों का बकाया बिजली बिल माफ किया जाए तथा 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दिया जाए!

● अतिक्रमण के नाम पर गरीबों को उजाड़ना बंद हो!

● मनरेगा के तहत 200 दिन काम और ₹600 दैनिक मजदूरी दिया जाए तथा मजदूरी का भुगतान समय पर हो!

● प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार बंद हो!


इन मांगों को खेग्रामस की तरफ से पूरे बिहार में तमाम प्रखंड मुख्यालयों पर दिया गया है! वहां से पदाधिकारी गण इसे सरकार तक पहुंचाएंगे! आने वाले दिनों में विधानसभा के भीतर और सड़क पर इन मांगों के साथ आवाज और बुलंद होगी !





प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने कहा कि इन दबे कुचले गरीबों को शिक्षा की बहुत जरूरत है जिससे आने वाले समय में अपना अधिकार में हो रहे घपला पर प्रश्न उठा सके। अधिकारियों से आंखों में आंख मिलाकर बात कर सके। लेकिन बिहार में शिक्षा खस्ताहाल है । 



नीतीश ने के ड्रीम प्रोजेक्ट 6421 उत्क्रमित उच्च विद्यालय में शिक्षक नही है जिसमें गांव गरीब किसान मजदूर दलित महादलित अतिपिछड़ा और अल्पसंख्यक के बच्चों के लिए क्लास संचालन में दिक्कत हो रहा है। जिसके जवाब में विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि अपना मुद्दा सामने रखिये, लेकिन दूसरे मुद्दों को दबाने के लिए नहीं। भूमिहीनों के लिए वास आवास का मुद्दा आपके शिक्षक के रूप में बहाल होने से कम महत्वपूर्ण नहीं है। और हम 'सब कुछ देने वाले' कौन होते हैं! सत्ता-सरकार से भूमिहीन गरीबों को अपनी लड़ाई लड़नी है और शिक्षक अभ्यर्थियों को अपनी। हम दोनों में साथ हैं! संघर्षों के मामले में 'चुप' रहना हमें नहीं आता, लेकिन आपको हरदिन संतुष्ट भी तो नहीं किया जा सकता!


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