भ्रष्टाचार के जांच करवाने में नाकाम युवक ने हाथ काटा, वीडियो देखे।

 भ्रष्टाचार के जांच करवाने में नाकाम युवक ने हाथ काटा, वीडियो देखे।

आप बिहार के विमल मंडल को जानते होंगे, जो अररिया जिले से आते हैं वह भ्रष्टाचार के खिलाफ सैकड़ों पत्र मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री समेत आला अधिकारियों को लिख चुके हैं। कई पदाधिकारियों को हाथों हाथ शिकायत किया। जिस पर कोई भी सुनवाई नहीं हुई । वे अपने गांव में सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार, नरेगा में हुए भ्रष्टाचार का जांच करवाना चाहते थे लेकिन उल्टे लोग इन्हें पागल कहने लगा। यह समाचार www.operafast.com पर पढ़ रहे हैं।



वह नीतीश कुमार को पत्र लिखा कि अगर मेरे पत्र पर सुनवाई नहीं हुआ तो अयोध्या में जाकर अपना हाथ काटकर श्रीराम के चरणों में चढ़ा देंगे। वे सरकार को 2005 से ही पत्र लिख रहे थे। लेकिन इनके पत्र को कूड़ेदान में फेंक दिया जाता रहा। 

कुछ दिन पहले की बात है।

उनके गांव में 2014 में सड़क पास हो गया था लेकिन उस पर कुछ काम नहीं हुआ । सभी नेता, पदाधिकारी और इंजीनियरों ने मिल बांट कर सड़क निर्माण का पास हुआ पैसा खा गया , लेकिन गांव की सड़क अभी तक नहीं बना। उस सड़क को बनवाने के लिए उन्होंने बहुत सारे पत्र लिखा, यहां तक कि मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक। विमल मंडल भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ते-लड़ते अपना 3 एकड़ में से ढाई एकड़ जमीन को बेच दिया और उसी पैसा से सभी को पत्र लिखता रहा। सभी से मिलकर जांच कराने की मांग करता रहा।

 लेकिन उनकी पत्र पर किसी तरह की सुनवाई नहीं होता है। अंत में निराश होकर हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखते हैं कि   मेरे गांव की सड़क नहीं बनता है और इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ जांच नहीं होती है तो हम अपना दायां हाथ अयोध्या में काटकर राम जी को समर्पित कर देंगे। लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया है क्योंकि लोग उनको पागल मानते थे अंत में विमल मंडल अयोध्या में जाकर अपना हाथ काट लेता है। हाथ काटते हैं वह जमीन पर तड़प तड़प कर लोटने लगते हैं । वहां पर उपस्थित लोग उनसे पूछता है कि आखिर आपने अपना हाथ क्यों काटा तो उन्होंने साफ-साफ बताता है कि हम भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच के लिए 2005 से प्रयासरत हैं लेकिन हमारे लिखे गए पत्र का जवाब कोई भी नहीं देता है क्योंकि सभी एक दूसरे से मिले हुए हैं सभी भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं।

इस तरह की घटना होने के बाद वह अयोध्या के अस्पताल में भर्ती रहते हैं और इधर सच तक के पत्रकार मनीष कश्यप विमल मंडल के गांव में जाकर ठहरते हैं । नीचे  कर वीडियो देखें -



मनीष कश्यप विमल मंडल के गांव में करीब 50 अन्य पत्रकारों के साथ जाकर रिपोर्टिंग किया और ऑफिसर तथा नेताओं आने का इंतजार किया लेकिन कोई नही पहुंचा। मनीष कश्यप ने विमल मंडल को 1 लाख रुपया अपने तरफ से देने की घोषणा किया।

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