एनपीएस के विरुद्ध ब्लैक डे कार्यक्रम को कई संघों का समर्थन



एनपीएस के विरुद्ध ब्लैक डे कार्यक्रम को कई संघों का समर्थन

नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम, बिहार (पुरानी पेंशन की बहाली हेतु प्रतिबद्ध राष्ट्रीय संगठन) के द्वारा दिनांक 1 सितंबर 2022 को राज्य में नई पेंशन योजना लागू होने के दिन को "ब्लैक डे" के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है और इसकी तैयारी के क्रम में बुधवार को भोजन अवकाश में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। ये समाचार www.operafast.com पर पढ़ रहे हैं।




प्रदेश अध्यक्ष वरुण पांडेय द्वारा बताया गया की 1 सितंबर को ब्लैक डे के रूप में मनाने के लिए पूरे प्रदेश भर के अधिकारी और कर्मचारी एकजुट है और प्रदेश भर के सभी कार्यालयों में इसके लिए तैयारी की जा रही है । संगठन के प्रदेश महासचिव शशि भूषण कुमार के द्वारा बताया गया कि लगभग 15 से भी अधिक सेवा संघों के द्वारा एनएमओपीएस के इस कार्यक्रम से सहमति व्यक्त की गई है और अपने सेवा के पदाधिकारियों और कर्मचारियों को 1 सितंबर के कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने का अनुरोध किया गया है।





सभी संघों का एकजुट होकर कहना है कि जैसे भी हमे पुरानी पेंशन हर हाल में बहाल करवाना ही होगा। जिस तरह से राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड में पुरानी पेंशन योजना बहाल किया गया है वैसे बिहार में भी बहाल किया जाए।




कुछ संगठनों के द्वारा लिखित तथा कुछ संगठनों के द्वारा नैतिक समर्थन की घोषणा की गई हैं। अब तक मुख्य रूप से जिन सेवा संघ का समर्थन एनएमओपीएस को प्राप्त हो चुका है।

अवर अभियंता संघ के महामंत्री पंडित बैरिस्टर पांडे ने कहा कि अक्सर ऐसा देखा गया है कि एनपीएस आच्छादित कर्मियों का जमा राशि को पेंशन के नाम पर शेयर मार्केट के हवाले कर दिया गया है। जहां शेयर मार्केट के उतार चढ़ाव के कारण पेंशन मूल राशि से भी कम प्राप्त होता है।

बिहार स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के महामंत्री संजीव कुमार वर्मा ने नेशनल मूवमेंट फोर ओल्ड पेंशन स्कीम को अपना समर्थन देते हुए अपने सहयोगियों से आह्वान करते हुए कहा 1 सितंबर 2022 को ब्लैक डे पर सभी विद्युत कर्मी काली रिबन लगाकर कार्य संपादित करेंगे और पेंशन बहाली के मुद्दे पर मेरा संगठन एनएमओपीएस को पूर्ण समर्थन करता है।

जबकि बिहार राज औद्योगिक प्रशिक्षण कर्मचारी संघ के महासचिव प्रेमचंद कुमार सिन्हा ने अपना समर्थन एनएमओपीएस को देते हुए कहा कि जो भी एनपीएस आच्छादित सेवा कर्मी सेवानिवृत हो रहे हैं उन्हें काफी कम पेंशन निर्धारित किया जा रहा है जिससे उन्हें जीवन यापन करने में और सम्मान पूर्वक जीने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि राजस्थान छत्तीसगढ़ झारखंड की तरह ही नई पेंशन को हटाकर पुरानी पेंशन को लागू करें।

 उनमें बिहार स्टेट इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज एसोसिएशन, बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ, बिहार पशु चिकित्सा सेवा संघ, बिहार स्टेट सिविल कोर्ट एम्पलाई एसोसिएशन, बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी संघ(गोप गुट), बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन, बिहार पुलिस एसोसिएशन, बिहार पुलिस चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ, अवर अभियंता संघ, बिहार राज्य भूमि एवं बंदोबस्त संबंधित कर्मचारी संघ, बिहार राज्य कारा कर्मचारी संघ एवं बिहार राज्य औद्योगिक कर्मचारी संघ, बिहार राज्य मोटर यान चालक संघ इत्यादि है और शेष संघों से बातचीत चल रही है शीघ्र ही उनके द्वारा भी समर्थन की घोषणा की जाएगी ।

इन्हें भी पढ़ें 👇

Comments

Popular posts from this blog

National Executive Meeting of the All India Judicial Employees Confederation (AIJEC) Concludes Successfully

न्याय के प्रहरियों का न्याय के लिए शंखनाद: बिहार के सिविल कोर्ट कर्मचारियों ने फूंका आंदोलन का बिगुल

पाम ऑयल आपके के लिए कितना उपयोगी है।