छात्रों के विरोध के बाद RRB NTPC CBT2 एग्जाम स्थगित, जांच कमिटी बनी ।

 

छात्रों के विरोध के बाद RRB NTPC CBT2 एग्जाम स्थगित, जांच कमिटी बनी ।

यह बात तो आपने जरूर सुनी होगी "अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारना" ! छात्रों के प्रदर्शन अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारना ही कहा जायेगा। अब जांच कमिटी का रिजल्ट कितने दिन बाद आएगी ये भगवान जाने । ये न्यूज आप www.operafast.com पर पढ़ रहे हैं



 छात्रों के द्वारा आरआरबी एनटीपीसी द्वारा घोषित रिजल्ट के विरोध के बाद अब रेलवे ने इस रिजल्ट पर पुनर्विचार का फैसला किया है। जिससे जिससे छात्रों को किसी तरह की कोई भी आशंका न रह जाए की इस परीक्षा में कोई गड़बड़ी हुई है। रेलवे भर्ती  बोर्ड ने  NTPC CBT 2 और ग्रुप D CBT 1 की होने पर परीक्षाएं स्थगित कर दिया है। यह दोनों ही परीक्षाएं रिजल्ट में होने वाले गड़बड़ी की जांच पर पुनर्विचार के बाद ही आयोजित की जाएगी।


भारतीय रेलवे ने एक दोनों परीक्षाएं और रिजल्ट पर विचार के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है इसमें एग्जाम में सफल और असफल दोनों तरह के छात्रों को शामिल किया जाएगा। इस समिति में स्टूडेंट को यह अधिकार दिया जाएगा कि जारी हुए रिजल्ट पर आपस में विचार व्यक्त करें उसके बाद ही वह अपनी तरफ से अंतिम निर्णय देगा।

जैसा कि आप जानते हैं कि आरआरबी एनटीपीसी के द्वारा जारी रिजल्ट के बाद बहुत से छात्र विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे कई छात्रों ने ट्रेन भी रोक दिया था और कई छात्रों ने स्टेशन पर भी धरना दिए हुए था। बिहार के कई शहरों में प्रदर्शन किया गया था जिसमें पटना जमुई लखीसराय आरा बक्सर जहानाबाद जैसे छोटे बड़े शहर के छात्र शामिल थे । प्रयागराज में हिंसक छात्रों पर पुलिस जमकर मारपीट की थी। प्रयागराज के कई हॉस्टलों और घरों से छात्रों को पकड़कर गिरफ्तार कर लिया गया था। साथ ये करवाई आगे जारी रखने की भी बात की जा रही थी ।


जहां तक आप जानते हैं की इलाहाबाद में एनटीपीसी के रिजल्ट को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाने के लिए पुलिस द्वारा छोटा बघाड़ा लॉज में घुसकर निर्दोष विद्यार्थियों पर बर्बर लाठीचार्ज किया था।

छात्रों का कहना था कि युवा देश की ताकत होते हैं । छात्रों के आंदोलन का दमन  बल प्रयोग करके किया जा रहा था । छात्र अपनी नौकरी ही तो मांग रहे थे, ज्यादातर छात्र गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार से हैं । क्या ये सरकार से इतना उम्मीद भी न रखें, फार्म 2019 में निकला था 2022 आ गया बहुत तो ओवर एज हो जाएंगे । अगर सरकार एक स्तरीय परीक्षा आयोजित करके रिजल्ट दे देते तो क्या हो जाता ।


रेलवे भर्ती बोर्ड के एक प्रवक्ता के अनुसार रेलवे के द्वारा एक समिति बनाई गई है जो विभिन्न भर्ती बोर्ड की ओर से आयोजित परीक्षाओं में सफल और असफल होने वाले छात्रों की शिकायतों की जांच करेगी। दोनों पक्षों की शिकायतें और चर्चाएं सुनने के बाद समिति रेल मंत्रालय को एक्स रिपोर्ट सौंपी की और जो भी फैसला होगा उसकी आधार पर बोर्ड अपना अंतिम निर्णय लेगा।


RRB NTPC होने के बाद से ही लाखों छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं बिहार उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में 2 दिन से प्रदर्शन जारी है। छात्रों की मांग पर ही इसे पुनर्विचार करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है।


हम आपको बता दें कि आरआरबी एनटीपीसी सीबीटी 1 की परीक्षाएं दिसंबर 2020 से लेकर जुलाई 2021 तक हुई थी और इस परीक्षा में करीब एक करोड़ 40 लाख के उम्मीदवार शामिल हुए थे।

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