प्रधानमंत्री के सुरक्षा में चूक कितना सही कितना गलत ।

 

प्रधानमंत्री के सुरक्षा में चूक कितना सही कितना गलत

पीएम नरेंद्र मोदी के कल फिरोजपुर दौरे के वक्त उनकी सुरक्षा में सेंध बाकायदा साजिश रचकर लगाई गई। ये खुलासा होने के बाद पंजाब सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग और तेज हो गई है। किसान नेता ने खुलासा किया है कि किस तरह मोदी के रूट की जानकारी लीक की गई और किसने लीक की। एक अंग्रेजी टीवी चैनल को भारतीय किसान यूनियन के नेता "सुरजीत सिंह फूल" ने पूरी साजिश का खुलासा किया। फूल ने इस चैनल के रिपोर्टर को बताया कि पीएम मोदी के काफिले का रास्ता बीकेयू के कार्यकर्ताओं ने रोका था और मोदी सड़क के रास्ते फिरोजपुर जा रहे हैं, इसकी जानकारी पंजाब पुलिस ने उन्हें दी थी। ये न्यूज़ आप www.operafast.com पर पढ़ रहे हैं ।


फिर भी आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है, सत्ता पक्ष और उनके समर्थक का कहना है कि देश की 130 करोड़ जनता को विपक्ष द्वारा प्रदत्त असहनीय आघात तमाम परिस्थितियों पर गौर करने के बात स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है कि पंजाब प्रांत में कांग्रेस शासन के अंतर्गत हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सुरक्षा व्यवस्था में हुई गफलत बाजी निश्चित रूप से एक सोची-समझी हुई साजिश के तहत तमाम घटनाओं को अंजाम दिया गया है !



मोदी जी पंजाब में जब मौत की दहलीज पर थे उस वक्त कांग्रेस के आलाकमान
व नेतागण उत्सव मना रहे थे । पंजाब प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री जी को सड़क मार्ग पर रोकने की साज़िश ।

विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेतृत्वकर्ता को फ्लाईओवर पर लगभग आधा घंटा बिताना पड़ा !

जानबूझकर प्रधानमंत्री जी की गरिमा को ठेस पहुंचाया गया है, राष्ट्र के सबसे महत्वपूर्ण पद का अपमान किया गया है, यह देश का अपमान है, देश के संघीय ढांचे की अवहेलना है, देश की आंतरिक सुरक्षा से खिलवाड़ है ! गृह मंत्रालय को भरोसा दिए जाने के बाद भी प्रधानमंत्री को क्लीयर रूट नहीं मिलना उनके काफिले के सामने खुले मार्ग पर बाधा उपस्थित करना, स्पष्ट रूप से जाहिर करता है कि मोदीजी को पंजाब की जमीन से दूर रखने के षड्यंत्र का एक अत्यंत घृणित एवं कुत्सित कुचक्र था !

प्रधानमंत्री की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी थी । लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में फोन रिसीव करना भी जरूरी नहीं समझा ! निश्चित रूप से यह देश को खंडित करने की एवं संविधान की अस्मिता को कलंकित करने का प्रयास है, पंजाब की कांग्रेस सरकार के इस आचरण ने संपूर्ण भारत वासियों को मात्र हतप्रभ ही नही पूरी तरह से निराश कर अत्यंत पीड़ा पहुंचाई है ! प्रधानमंत्री जी को तो कोई नुकसान नहीं
पहुंचा लेकिन कांग्रेस ने निश्चय ही अपने हाथों अपनी कब्र खोद ली है ! अब इसका दुष्परिणाम भुगतने के लिए कांग्रेस के आलाकमान बेहतर रूप से तैयार रहें !



सोचिए मोदी जी का काफिला रोका गया अगर सिर्फ एक पत्थर फेंक दिया जाता तो सुरक्षाबल फायरिंग कर सकते थे 10-15 मोहरे मर गए होते तो tv पर चल रहा होता किसानों पर गोलियां चलाई गई !

मोदी जी को भले कुछ न होता पर पंजाब में आग लग जाती और गलती से हो जाता तो सदियां भुगतती । ये लोग जो तर्क दे रहे है कि रैली भीड़ न होने की वजह से रद्द हुई तो जवाब दे चन्नी ने फोन क्यों नही उठाया ।

कल की प्रधानमंत्री की रैली को न होने देने पर एक बार पंजाब वालो ने अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मारी है। यह उनकी जीत नहीं बल्कि एक तरह से हार ही हुईं हैं। क्योंकि फिरोजपुर में रैली को संबोधित करने के अलावा, प्रधानमंत्री प्रदेश की जनता को 42,750 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात भी देने वाले थे। इनमें दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे, फिरोजपुर में पीजीआई सैटेलाइट सेंटर और कपूरथला-होशियारपुर में दो नए मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।


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