सचमुच अच्छे दिन आ गए " !

सचमुचअच्छे दिन आ गए " ! 

पेट्रोल की बढ़ती कीमत को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि " सचमुच अच्छे दिन आ गए " ! जी हां, वही अच्छे दिन ! 
जिसके बारे में अक्सर भारतीय जनता पार्टी के लोग और कई बार श्री नरेंद्र मोदी जी अपनी सभाओं में भी अच्छे दिन का जिक्र कर चुके हैं ! सुरसा के मुंह की तरह पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही है जनता त्राहिमाम कर रही है पेट्रोल की दरें कहीं-कहीं 3 अंकों को छू चुकी है ! 

विपक्षीी पार्टियों को इस पर सरकार के घेरने के लिए एक अच्छा मुद्दा मिल गया है शिवसेना ने कल ही मुंबई में सभी पेट्रोल पंपों पर क्या यही अच्छे दिन है के बैनर लगाया तो वही सत्ता पक्ष के जाने-माने एक नेता ने भी राम का राज्य की तुलना रावण की लंका और सीता की नेपाल से कर दी ! 

भारत के रिजर्व बैंक के गवर्नर शशिकांत दास ने भी पेट्रोल पर लगाया गया भारत सरकार तथा राज्य सरकार के टैक्सों को कम करने का आवाहन करना पड़ा ! जो लोग पेट्रोल के कीमत ₹100 के आसपास होने पर जो शोर मचा रहे हैं उन्हें सोचना चाहिए कि हमारे प्रधानमंत्री जी और भाजपा को जनता ने पूर्ण बहुमत दिया है अगर वह चाहे तो पेट्रोल की कीमत ₹500 भी कर सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं कर सकते , क्योंकि देश हित के साथ-साथ जनता हित की बातें को अनदेखी नहीं किया जा सकता ! 
अगरर ठीक से आकलन किया जाए तो यह पता चलेगा कि 2021 में पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमश छह से सात रुपया की बढ़ोतरी हो गई ! 

यही सरकार 2014 के पहले मनमोहन सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने पर सो मचाया करती थी जो एक लाइन में कह देती है कि पेट्रोल और डीजल की कीमत हमारे हाथ पर नहीं है इसका मूल्य का निर्धारण कंपनियां संबंधित कंपनियों के द्वारा किया जाता है ! मैं अपने हिंदी न्यूज़ ब्लॉक cominghindinews.blogspot.com के माध्यम से सरकार से निवेदन करता हूं कि कोरोना महामारी ने जनता के आय का साधन को समाप्त कर दिया है कई तरह की business चौपट हो गए हैं इसलिए उनके हितों को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमत कुछ हद तक कम किया जाए !

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